हरिद्वार जैसे धार्मिक और शांत माने जाने वाले शहर में सोमवार शाम एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। कनखल क्षेत्र के दयाल एनक्लेव में पार्क में बैठे तीन दोस्तों की मुलाकात अचानक खूनखराबे में बदल गई। इस मुलाकात में 18 वर्षीय छात्र सुमित पुत्र पवन चौधरी की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद उसके दो साथी मौके से फरार हो गए, जबकि पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया है।
कैसे हुई घटना?
पुलिस जांच के अनुसार, सुमित को उसके दो दोस्तों ने पार्क में बुलाया था। उनमें से एक दोस्त सावन तमंचा लेकर आया था। तीनों पार्क में बैठे ही थे कि अचानक गोली चल गई और सीधा सुमित को लग गई। गोली लगते ही वहां अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि सावन और उसका दूसरा साथी घायल सुमित को किसी तरह भूमानंद अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन उसकी हालत बिगड़ती देख दोनों मौके से फरार हो गए। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
संदिग्ध पृष्ठभूमि वाला दोस्त
पुलिस जांच में सामने आया कि गोली चलाने वाला युवक सावन ज्वालापुर क्षेत्र का रहने वाला है। खास बात यह है कि वह पहले भी हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले में जेल जा चुका है। यही वजह है कि पुलिस मामले को सिर्फ दुर्घटनावश गोली चलने तक सीमित मानने के बजाय गहराई से जांच कर रही है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पार्क में मौजूद तीनों युवक शायद हथियार देख-परख रहे थे और उसी दौरान यह हादसा हुआ। वहीं, यह भी जानकारी मिल रही है कि सुमित का कुछ समय पहले किसी से विवाद हुआ था, जिसे इस घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
क्या है पीला गैंग कनेक्शन?
हरिद्वार और उसके आसपास पिछले कुछ समय से पीला गैंग का नाम बार-बार चर्चा में आ रहा है। इस गैंग की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में डर का माहौल भी देखा गया है। सोमवार को हुई इस वारदात के बाद लोगों ने एक बार फिर सवाल उठाया कि कहीं इस घटना के पीछे पीला गैंग का हाथ तो नहीं है।एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि फिलहाल किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की कई टीमें हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं। सुमित के संपर्क, उसके दोस्तों के रिकॉर्ड और गैंग से जुड़ी गतिविधियों की गहन छानबीन की जा रही है।
निष्कर्ष
सुमित की मौत सिर्फ एक परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। यह सवाल उठाता है कि आखिर क्यों हमारे युवा गलत संगत और गैंग की ओर आकर्षित हो रहे हैं। पुलिस जांच से सच जल्द सामने आ जाएगा, लेकिन यह घटना बताती है कि धार्मिक नगरी हरिद्वार में अपराध का बढ़ता साया रोकने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।