300 Fresh Doctors Recruitments Soon: गैरहाजिर डॉक्टरों को घर भेजा, जल्द 300 नई भर्तियां; ऐक्शन मोड में धामी सरकार

Rishab Gusain
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Rishab Gusain is a Digital Marketing Executive and skilled content writer from Dehradun, Uttarakhand. With experience working for several national and international brands, he has helped...
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उत्तराखंड की धामी सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरी तरह ऐक्शन मोड में है। लंबे समय से उपेक्षित स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने जहां नए डॉक्टरों की भर्ती का रास्ता साफ किया है, वहीं अपने कर्तव्यों से गायब चल रहे डॉक्टरों को बर्खास्त कर कड़ा संदेश भी दिया है।

300 नई भर्तियों की तैयारी

राज्य के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि प्रदेश में 300 नए डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग ने उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

हाल ही में सरकार ने प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा कैडर में 220 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन्हें पहले ही राज्य के अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात कर दिया गया है।

गैरहाजिर डॉक्टरों पर कार्रवाई

सरकार ने लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे 56 बांडधारी डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। ये वे डॉक्टर हैं जिन्होंने चेतावनी और नोटिस के बाद भी अपनी ड्यूटी पर वापसी नहीं की।

गौरतलब है कि पिछले महीने 234 डॉक्टरों के खिलाफ अनुपस्थिति पर कार्रवाई शुरू की गई थी। इनमें से 178 डॉक्टरों ने समय रहते ड्यूटी ज्वॉइन कर ली, लेकिन 56 डॉक्टरों ने चेतावनी मिलने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। ऐसे सभी डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और अब सरकार उनसे बांड नियमों के मुताबिक रकम भी वसूल करेगी।

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बांड प्रणाली क्या है?

उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को बेहद कम शुल्क पर पढ़ाई का अवसर मिलता है। इसके बदले उन्हें कम से कम पांच साल तक राज्य के पर्वतीय जिलों में सेवा करनी होती है। यदि कोई डॉक्टर यह सेवा नहीं करता, तो उसे निर्धारित बांड राशि जमा करनी पड़ती है। तभी उसे विभाग से NOC और शैक्षिक प्रमाण पत्र वापस मिलते हैं।

इस नियम का मकसद यह है कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मूलभूत इलाज आसानी से मिल सके। लेकिन कई बार डॉक्टर शहरों या आसान तैनाती वाली जगहों पर काम करना चाहते हैं और इसी वजह से वे इन शर्तों का पालन नहीं करते।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा

डॉ. धन सिंह रावत ने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांव और पहाड़ों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें। इसी मकसद से:

  • डॉक्टरों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
  • स्वास्थ्य इकाइयों का बुनियादी ढांचा सुधारा जा रहा है।
  • लापरवाह कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार ने साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गैरहाजिर डॉक्टरों की बर्खास्तगी और नई भर्ती की तैयारी से यह संदेश गया है कि सरकार अब “पहाड़ की सेहत” को लेकर गंभीर है।

अगर यह कदम पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से लागू होता है, तो आने वाले सालों में उत्तराखंड के ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

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Rishab Gusain is a Digital Marketing Executive and skilled content writer from Dehradun, Uttarakhand. With experience working for several national and international brands, he has helped businesses achieve remarkable organic growth through his strategic digital marketing approach. Deeply connected to his roots, Rishab is passionate about showcasing the rich culture, travel destinations, and traditions of Uttarakhand. His engaging content has attracted a growing readership, hitting over 10,000 visits in just two months.
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