हरेला-ग्रीन कैंपेन के तहत एक माह लंबे वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

प्रेस विज्ञप्ति

हरेला-ग्रीन कैंपेन के तहत एक माह लंबे वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

दून विश्वविद्यालय में 50 पौधे रोपकर संरक्षण का लिया संकल्प

देहरादून, 21 जुलाई।
रिवाइविंग हिमालयास फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित उत्तराखंड और हिमालयी पारिस्थितिकी के संवर्धन के उद्देश्य से “हरेला-ग्रीन कैंपेन” नामक एक माह लंबे वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का प्रथम चरण दून विश्वविद्यालय में दून विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स काउंसिल (DUSC) के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान परिसर में 50 पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया। संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधे लगाने के बजाय उनके संरक्षण एवं उच्च जीवित रहने की दर (Survival Rate) सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में रिवाइविंग हिमालयास फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष अक्षित बड़ोनी, दून विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स काउंसिल के अध्यक्ष अंशुमान नौटियाल, डीयूएससी के पूर्व अध्यक्ष एवं रिवाइविंग हिमालयास के महासचिव डॉ. सत्येन्द्र सिंह चौहान, दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट एंड नेचुरल रिसोर्सेज के डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र सुथार, शोधार्थियों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, डीयूएससी के सदस्यों तथा रिवाइविंग हिमालयास फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प ले, तो हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का लक्ष्य सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।

रिवाइविंग हिमालयास फाउंडेशन ने बताया कि “हरेला-ग्रीन कैंपेन” के अंतर्गत आगामी एक माह तक विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, ग्राम सभाओं एवं स्वयंसेवी समूहों के सहयोग से अनेक स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का मूल संदेश है—

“Plant with Responsibility. Care with Commitment.”
“पेड़ उतने ही लगाएँ, जितनों की देखभाल कर पाएँ।”