भारत मौसम विभाग (IMD) ने अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम के गंभीर रूप से बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। यह चेतावनी खासकर उत्तर भारत, पूर्वी भारत, मध्य भारत और दक्षिण भारत के राज्यों के लिए जारी की गई है।
किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
- पूर्व और मध्य भारत
- छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार में 4 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
- कुछ इलाकों में बारिश का स्तर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक भी हो सकता है।
- झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में लगातार बारिश होगी, साथ ही बंगाल में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार में 4 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
- उत्तर भारत
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट है।
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में 5 से 7 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
- इस दौरान बादल गरजने, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है।
- दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में 6 अक्टूबर को बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट है।
- पूर्वोत्तर भारत
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- असम और मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
- अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- दक्षिण भारत
- आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 2 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
- तमिलनाडु, आंध्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 5 अक्टूबर तक लगातार भारी बारिश संभव है।
- 3 अक्टूबर को आंध्र तट पर 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
- आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 2 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
तूफान और तेज हवाओं का खतरा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से मौसम का यह बदलाव हो रहा है। कई इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो पेड़ों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
प्रशासन और लोगों के लिए चेतावनी
IMD ने राज्यों के प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी है। खासकर नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। किसान भाइयों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और खेतों की सुरक्षा के लिए पहले से इंतजाम कर लें, क्योंकि ओलावृष्टि से नुकसान की संभावना है।
निष्कर्ष
आने वाले एक हफ्ते तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की आशंका है। ऐसे में सतर्क रहना और मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। यह समय प्रकृति की ताकत को समझने और उससे तालमेल बिठाने का है, ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो सके।