त्योहारी सीजन में यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। रेलवे ने हरिद्वार-साबरमती स्पेशल एसी ट्रेन की शुरुआत कर दी है। यह ट्रेन 15 अक्टूबर से सेवा में आ रही है, और अब उत्तर भारत से लेकर पश्चिम भारत तक की यात्रा पहले से कहीं अधिक आरामदायक और तेज हो जाएगी।इस ट्रेन के चलने से हरिद्वार, दिल्ली, जयपुर और अहमदाबाद के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा और यात्रा की सुविधा भी बढ़ेगी।
कब और कैसे चलेगी यह स्पेशल ट्रेन?
रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता के अनुसार, इस ट्रेन को त्योहारों के भीड़भाड़ वाले सीजन को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है।
- ट्रेन नंबर: 09425/09426 (मेल एक्सप्रेस श्रेणी)
- कुल दूरी: लगभग 1145 किलोमीटर
- हरिद्वार से रवाना होगी: हर गुरुवार और रविवार को रात 9:40 बजे
- साबरमती से रवाना होगी: हर बुधवार और शनिवार को शाम 5:20 बजे
दोनों दिशाओं में सात-सात ट्रिप रखी गई हैं ताकि त्योहारों के दौरान यात्रियों की अधिकतम संख्या को समायोजित किया जा सके।
कौन-कौन से स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह ट्रेन उत्तर भारत से गुजरते हुए राजस्थान और गुजरात के कई अहम स्टेशनों पर रुकेगी। कुल 22 प्रमुख स्टॉपेज तय किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- रुड़की
- मुजफ्फरनगर
- मेरठ सिटी
- गाजियाबाद
- पुरानी दिल्ली
- दिल्ली कैंट
- गुड़गांव
- रेवाड़ी
- अलवर
- जयपुर
- अजमेर
- आबू रोड
- पालनपुर
- साबरमती
इन सभी स्टेशनों से गुजरते हुए ट्रेन लगभग 24 घंटे में पूरा सफर तय करेगी।
यात्रियों के लिए सुविधाएँ
यह स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से त्योहारों की भीड़ को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक प्रावधान किए गए हैं:
- एसी कोच, स्लीपर और जनरल डिब्बे — हर वर्ग के यात्रियों के लिए विकल्प उपलब्ध।
- खानपान की सुविधा — लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए ऑनबोर्ड कैटरिंग की व्यवस्था की गई है।
- सुरक्षा और सफाई — रेलवे ने बताया है कि त्योहारों के समय भीड़ बढ़ने के बावजूद ट्रेनों की सफाई और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट समय से बुक करें, क्योंकि त्योहार के दिनों में सीटें जल्दी फुल हो सकती हैं।
हरिद्वार से साबरमती — सिर्फ दूरी नहीं, संस्कृतियों का संगम
अगर इस रूट को भूगोल के नजरिए से देखें तो यह ट्रेन सिर्फ दो शहरों को नहीं जोड़ती, बल्कि उत्तर भारत की आध्यात्मिक राजधानी (हरिद्वार) को पश्चिम भारत के व्यापारिक केंद्र (अहमदाबाद-साबरमती) से जोड़ती है।
यह यात्रा एक तरह से संस्कृति, धर्म और व्यवसाय — तीनों के बीच एक पुल का काम करती है।
हरिद्वार से निकलने वाले श्रद्धालु इस ट्रेन के जरिए आसानी से जयपुर या अजमेर शरीफ जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुँच पाएंगे, वहीं गुजरात के लोग गंगा घाटों के दर्शन के लिए हरिद्वार की यात्रा कर सकेंगे।
यह नया रेल कनेक्शन पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, जिससे उत्तराखंड और गुजरात दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निष्कर्ष: एक कदम, कई फायदे
हरिद्वार-साबरमती स्पेशल ट्रेन की शुरुआत से—
- उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात के बीच यात्रा होगी आसान
- धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी
- त्योहारों में भीड़भाड़ कम होगी
- स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे का यह कदम दिखाता है कि अगर योजनाएं समझदारी से बनाई जाएं, तो एक ट्रेन भी विकास का इंजन बन सकती है।