उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कनखल थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिला दिया है। यहां चार दिन पहले सुमित चौधरी नामक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने अब मृतक के तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की पृष्ठभूमि
29 सितंबर की रात दयाल एंक्लेव इलाके के पार्क में सुमित अपने कुछ दोस्तों के साथ मौजूद था। उसी दौरान पार्क में गोली चली और सुमित की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आपसी रंजिश और लापरवाही से जुड़ा मामला माना।
सुमित के भाई पुनीत चौधरी ने एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसके भाई को उसके ही परिचित युवक — सावन, कृष्णा और निशांत — ने गोली मारी। पुनीत ने यह भी कहा कि आरोपियों और सुमित के बीच पहले से विवाद चल रहा था।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
एसएसपी के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शाह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए सुराग जुटाए।
लगातार दबिश के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को बैरागी कैंप क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
- सावन पुत्र हरि सिंह, निवासी जमालपुर कलां, कनखल
- निशांत पुत्र गोविंद, निवासी शांति बिहार कॉलोनी, ज्वालापुर (मूल निवासी ग्राम रणसुरा, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर)
- कृष्णा पुत्र तेजपाल, निवासी राजीव नगर कॉलोनी, लाल मंदिर, ज्वालापुर
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक रिवाल्वर, चार जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की।
चौंकाने वाला खुलासा: हथियार से पहले भी की थी फायरिंग का प्रयास
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी सावन ने घटना से पहले कई बार रिवाल्वर से फायर करने की कोशिश की थी। उसने तो एक बार अपने ही दोस्त कृष्णा पर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन उस समय हथियार ने काम नहीं किया। दुर्भाग्य से, बाद में यही हथियार सुमित की जान लेने का कारण बन गया।
पुलिस टीम की सक्रियता
इस मामले को सुलझाने में पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। इस जांच अभियान में प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शाह, एसएसआई नितिन चौहान, चौकी प्रभारी सुधांशु कौशिक, हेड कांस्टेबल सन्नी सिंह, कांस्टेबल सतेन्द्र सिंह रावत, कांस्टेबल प्रलव चौहान और कांस्टेबल उमेद सिंह शामिल रहे।
निष्कर्ष
सुमित चौधरी की हत्या केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि कैसे छोटी-सी रंजिश या नासमझी जानलेवा बन सकती है। पुलिस ने भले ही आरोपियों को पकड़ लिया हो, लेकिन असली सवाल यह है कि हम युवाओं को किस दिशा में ले जा रहे हैं।