Rafting Will Start Soon In Rishikesh: उत्तराखंड में लौटेगा राफ्टिंग का रोमांच, ऋषिकेश गंगा के लिए प्रशासन ने दे दी हरी झंडी

Rishab Gusain
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उत्तराखंड के ऋषिकेश में एडवेंचर प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से बंद राफ्टिंग गतिविधियां अब 27 सितंबर से फिर शुरू हो रही हैं। कौड़ियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन में गंगा नदी में राफ्टिंग का रोमांच अब फिर से लौट रहा है।

क्यों बंद थी राफ्टिंग?

गंगा नदी में राफ्टिंग पिछले ढाई महीने से बंद थी। मुख्य वजह भारी बारिश और इसके कारण बढ़ा जलस्तर था। पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के चलते नदी का बहाव काफी तेज हो गया था, जिससे एडवेंचर गतिविधियों के लिए जोखिम बढ़ गया था।

गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के सचिव जसपाल चौहान के अनुसार, अब पहाड़ों में बारिश लगभग रुक चुकी है और गंगा का जलस्तर लगभग सामान्य स्तर (338 मीटर) पर आ गया है। यही कारण है कि प्रशासन ने राफ्टिंग को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है।

सुरक्षा इंतजाम और तैयारियां

टूरिज्म विभाग की तकनीकी टीम और प्रशिक्षित गाइडों ने मरीन ड्राइव से मुनिकीरेती तक नदी का निरीक्षण किया। उनकी रिपोर्ट में कहा गया कि राफ्टिंग गतिविधि के लिए सभी सुरक्षा उपाय पूरी तरह से लागू हैं।

इसमें शामिल हैं:

  • प्रशिक्षित और प्रमाणित गाइडों की उपलब्धता
  • लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण की जांच
  • राफ्टिंग ट्रिप के लिए नदी के खतरनाक हिस्सों की पहचान और मार्किंग
  • इमरजेंसी रेस्क्यू टीम की तैनाती

जसपाल चौहान ने बताया कि राफ्टिंग संचालकों और गाइडों में उत्साह चरम पर है और अब पर्यटक सुरक्षित रूप से एडवेंचर का आनंद ले सकेंगे।

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पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

ऋषिकेश लंबे समय से एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र रहा है। गंगा में राफ्टिंग की शुरुआत से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। गाइड, राफ्टिंग ऑपरेटर, होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेवाओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

कौड़ियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन में राफ्टिंग का संचालन पारिस्थितिकी के अनुरूप होता है। स्थानीय लोगों ने भी इस गतिविधि को बढ़ावा देने में सहयोग किया है, जिससे स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

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Rishab Gusain is a Digital Marketing Executive and skilled content writer from Dehradun, Uttarakhand. With experience working for several national and international brands, he has helped businesses achieve remarkable organic growth through his strategic digital marketing approach. Deeply connected to his roots, Rishab is passionate about showcasing the rich culture, travel destinations, and traditions of Uttarakhand. His engaging content has attracted a growing readership, hitting over 10,000 visits in just two months.
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