उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने करवट ले ली है। सोमवार को बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पूरे राज्य में ठंड का असर बढ़ गया है। हिमालय की ऊँचाइयों पर गिरी इस सफेद चादर ने पहाड़ों की खूबसूरती को और निखार दिया है, वहीं निचले इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
केदारनाथ धाम में दोपहर से शुरू हुई बर्फबारी
सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे, केदारनाथ धाम की ऊँची पहाड़ियों पर बर्फ गिरनी शुरू हुई। धीरे-धीरे यह बर्फबारी तेज होती गई और कुछ ही घंटों में पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया। केदारनाथ के आसपास के पर्वत — केदार डोम, मेरु पर्वत और मंठटा टॉप — बर्फ से ढके हुए नज़र आए।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए यह नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं था।
श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बर्फबारी का लुत्फ उठाया और कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो भी साझा किए, जिससे केदारनाथ का नजारा देशभर में वायरल हो गया।
हालांकि, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की अपील की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले गरम कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयां साथ रखें, क्योंकि मौसम अगले दो दिन तक अस्थिर बना रह सकता है।
बदरीनाथ धाम में भी पहली बर्फबारी से चमकी घाटी
बदरीनाथ धाम में भी मौसम ने सोमवार दोपहर के बाद करवट ली और नर-नारायण पर्वत, उर्वशी पर्वत, नीलकंठ पीक और माणा गांव की ऊँचाई पर हल्की से मध्यम बर्फबारी शुरू हो गई।
कुछ ही घंटों में पूरा इलाका सफेद बर्फ की परत से ढक गया, जिससे बदरीनाथ धाम की सुंदरता देखने लायक बन गई।
स्थानीय दुकानदारों और पुजारियों के अनुसार, बर्फबारी के बाद धाम का तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
श्रद्धालु इस दृश्य को देखकर बेहद उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने कहा कि यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा — “बर्फ के बीच भगवान बदरीनाथ के दर्शन करना एक दिव्य एहसास था।”
हेमकुंड साहिब में भी सर्दी का एहसास बढ़ा
इधर, हेमकुंड साहिब, जो सिख समुदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल है, वहां भी सोमवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी शुरू हो गई।
यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है, जिससे घांघरिया घाटी और हेमकुंड झील का दृश्य बेहद मनमोहक हो गया है।
गौरतलब है कि हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को बंद होने वाले हैं। ऐसे में इस बर्फबारी ने यात्रा के अंतिम दिनों को और खास बना दिया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अगर रातभर बर्फबारी जारी रही तो मंगलवार सुबह तक पूरी घाटी मोटी बर्फ की परत में ढक जाएगी।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि 6 और 7 अक्टूबर को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने बताया कि आने वाले 48 घंटों में चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उत्तरकाशी जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम के ताजा अपडेट पर ध्यान दें।
ठंड ने दी दस्तक, मैदानों में भी तापमान गिरा
बर्फबारी का असर अब निचले इलाकों तक भी पहुंचने लगा है। देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों में तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
सुबह और शाम को ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों ने अब गरम कपड़े और स्वेटर निकालने शुरू कर दिए हैं।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बर्फबारी सर्दियों की शुरुआती दस्तक है, और आने वाले दिनों में तापमान और भी नीचे जा सकता है।
बर्फबारी ने बढ़ाई पर्यटन की रौनक
सीजन की पहली बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में नई जान आ गई है।
औली, माणा, जोशीमठ, चोपता, टुंगनाथ और गोपेश्वर जैसे क्षेत्रों में अब पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है।
होटल कारोबारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों से ठंडे मौसम की उम्मीद में बुकिंग्स धीमी थीं, लेकिन अब फोन लगातार बज रहे हैं।
औली में स्कीइंग प्रेमियों के लिए यह खबर उत्साह से भरी है, जबकि बदरीनाथ और हेमकुंड मार्ग पर धार्मिक पर्यटन का आकर्षण और बढ़ गया है।
निष्कर्ष — देवभूमि में सर्दियों की सुंदर शुरुआत
उत्तराखंड की पहाड़ियों पर हुई यह पहली बर्फबारी न सिर्फ ठंड की दस्तक है, बल्कि देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता की एक नई झलक भी है।
बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यह सफेद चादर श्रद्धा, शांति और सौंदर्य का संगम है।
आने वाले दिनों में जब बर्फ से ढकी ये वादियां सूरज की पहली किरणों से चमकेंगी, तो शायद प्रकृति खुद मुस्कुराती हुई दिखे — और यही है उत्तराखंड की असली पहचान।