उत्तराखंड में इस बार मानसून विदा होने के बाद भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 अक्टूबर के लिए राज्य के 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि कई इलाकों में आज फिर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार –
- देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है।
- टिहरी, पौड़ी, चमोली, अल्मोड़ा, चंपावत, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर में भी दिनभर बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं।
- पहाड़ी जिलों में बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
क्यों बिगड़ रहा है मौसम?
हालांकि आधिकारिक रूप से मानसून चार दिन पहले विदा हो चुका है, लेकिन इसका असर अभी भी खत्म नहीं हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि –
- उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ)
- बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी मिलकर उत्तराखंड के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। यही वजह है कि अक्टूबर की शुरुआत में भी पहाड़ों में झमाझम बारिश हो रही है।
पिछले दिन का हाल
1 अक्टूबर को भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही दर्ज की गई। अचानक मौसम में आई यह हलचल इस बात का संकेत थी कि आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने तुरंत अलर्ट जारी किया।
प्रशासन ने दी चेतावनी
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- नदी किनारे या भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाने की हिदायत दी गई है।
- पर्यटकों को भी अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने को कहा गया है।
- चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और अलर्ट को और सख्त किया गया है।
निष्कर्ष
भले ही मानसून विदा हो चुका हो, लेकिन उत्तराखंड में बारिश की चुनौती अभी भी बनी हुई है। आज यानी 2 अक्टूबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
यह स्थिति हमें यह भी याद दिलाती है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में मौसम कभी भी करवट बदल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेकर सुरक्षा इंतजाम करना ही समझदारी है।