उत्तराखंड में मानसून की शुरुआत का इंतजार अब खत्म होने को है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है। इससे पहले ही राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादलों का डेरा और रुक-रुककर हो रही बारिश ने गर्मी से परेशान लोगों को काफी हद तक राहत दी है।
देहरादून और आसपास के इलाकों में मौसम का बदला मिजाज
राजधानी देहरादून समेत आसपास के इलाकों में बीते 24 घंटों से बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद से शाम तक बौछारों के दो से तीन दौर देखे गए, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे भीषण गर्मी से फिलहाल राहत है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में उमस अब भी बरकरार है, जो मानसून की आहट से पहले की सामान्य स्थिति मानी जा रही है।
नैनीताल और बागेश्वर में भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के पर्वतीय जिलों खासकर नैनीताल और बागेश्वर में भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश से भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की गई है। अन्य जिलों जैसे टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चंपावत में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
चारधाम यात्रियों को भी सतर्क रहने की सलाह
चारधाम यात्रा मार्गों—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में भी मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में एक से दो बार हल्की वर्षा हो सकती है। ऐसे में तीर्थयात्रियों और प्रशासन को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मानसून के लिए अनुकूल बनी परिस्थितियां
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत में मानसून के आगे बढ़ने के लिए वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं लगातार उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरा उत्तराखंड मानसून के प्रभाव में आ जाएगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश की संभावना है।
गर्मी से राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
बेशक मानसून की दस्तक से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन इसके साथ ही संभावित प्राकृतिक आपदाओं जैसे—भूस्खलन, सड़क अवरोध, बिजली गिरने की घटनाएं और अचानक नदियों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सक्रिय कर दिया है और लोगों से अपील की गई है कि मौसम पूर्वानुमानों पर ध्यान दें और अनावश्यक रूप से संवेदनशील इलाकों की यात्रा न करें।
उत्तराखंड में मानसून की दस्तक अब बेहद करीब है। आने वाले तीन दिन न केवल प्रदेश के मौसम को पलट सकते हैं, बल्कि पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के जनजीवन पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा। प्रशासन और नागरिकों को मौसम की हर अपडेट पर सतर्क निगरानी बनाए रखनी होगी।