उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने वर्ष 2026 का परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। यह कैलेंडर उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम है जो लंबे समय से राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षाओं का आयोजन तय समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को तैयारी का पूरा मौका मिलेगा और अनिश्चितता की स्थिति समाप्त होगी।
परीक्षा कार्यक्रम एक नजर में
आयोग के अनुसार, 19 जनवरी 2026 से परीक्षाओं की शुरुआत होगी और अंतिम परीक्षा 5 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस दौरान कुल 12 प्रमुख परीक्षाएं होंगी, जिनमें न्यायिक सेवा, प्रवक्ता, समीक्षा अधिकारी, अपर निजी सचिव और राज्य सिविल सेवा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं।
प्रमुख परीक्षाओं की तारीखें
- 19 से 22 जनवरी 2026 – न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ वर्ग) मुख्य परीक्षा
- 25 जनवरी 2026 – प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज मुख्य परीक्षा (वस्तुनिष्ठ)
- 31 जनवरी 2026 – समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी मुख्य परीक्षा (महाधिवक्ता कार्यालय, नैनीताल)
- 8 फरवरी 2026 – प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज विभागीय परीक्षा
- 14 मार्च 2026 – अपर निजी सचिव मुख्य परीक्षा (सचिवालय/लोक सेवा आयोग)
- 22 मार्च 2026 – अधीक्षिका परीक्षा (महिला कल्याण विभाग)
- 5 अप्रैल 2026 – प्रवक्ता इंटर कॉलेज मुख्य परीक्षा
- 12 अप्रैल 2026 – सहायक निदेशक परीक्षा (डेयरी विकास विभाग)
- 26 अप्रैल 2026 – प्रवक्ता इंटर कॉलेज मुख्य परीक्षा (वस्तुनिष्ठ)
- 17 मई 2026 – सम्मिलित राज्य सिविल/अवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा
- 14 जून 2026 – प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा
- 5 जुलाई 2026 – सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा
कैलेंडर का महत्व
उत्तराखंड जैसे राज्य में जहां सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं में खासा उत्साह रहता है, वहां यह कैलेंडर एक दिशा-निर्देशक की तरह काम करता है। अक्सर उम्मीदवार परीक्षा की अनिश्चित तारीखों को लेकर असमंजस में रहते हैं। अब उन्हें अपनी पढ़ाई और पुनरावृत्ति (revision) का समय तय करने में आसानी होगी।
युवाओं के लिए अवसर
इस कैलेंडर में सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा सम्मिलित राज्य सिविल सेवा है, जिसे पास करने का सपना हजारों छात्र देखते हैं। इसके अलावा, प्रवक्ता और समीक्षा अधिकारी जैसी परीक्षाएं भी ऐसे युवाओं को रोजगार का अवसर देती हैं, जो शिक्षा, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं।
पारदर्शिता पर जोर
पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड की परीक्षाओं पर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। आयोग ने इस बार विशेष तौर पर यह भरोसा दिलाया है कि परीक्षाओं को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से कराया जाएगा। यदि यह वादा पूरा हुआ तो निश्चित रूप से अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत होगा।
निष्कर्ष
UKPSC का 2026 कैलेंडर न सिर्फ परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है, बल्कि राज्य की भर्ती व्यवस्था को भी नई दिशा देगा। अब छात्रों के पास अपनी तैयारी के लिए पर्याप्त समय है और आयोग के पास यह साबित करने का मौका है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया को अंजाम दे सकता है। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार हुआ, तो यह उत्तराखंड की युवा पीढ़ी के लिए सुनहरे भविष्य की राह खोल सकता है।