त्योहारों का मौसम जैसे-जैसे करीब आता है, वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या बसों और रेलवे स्टेशनों पर बढ़ जाती है। हर साल इस समय घर लौटने वाले लोग अपने परिवारों के साथ दिवाली और छठ मनाने के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश/दिल्ली के बीच सफर करते हैं। इस बार उत्तराखंड रोडवेज ने यात्रियों के लिए एक विशेष तोहफा दिया है।
मुख्य घोषणा:
उत्तराखंड रोडवेज 18, 19, 24 और 25 अक्टूबर को देहरादून आईएसबीटी से दिल्ली, आगरा और बरेली के लिए अतिरिक्त दस बसें चलाएगा। यह निर्णय त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अतिरिक्त बसों का संचालन और समय
उत्तराखंड रोडवेज के ग्रामीण डिपो के एजीएम प्रतीक जैन ने बताया कि ये बसें सुबह से लेकर देर शाम तक चलेंगी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए:
- सभी बसों की पूर्व तकनीकी जांच और फिटनेस टेस्ट की जाएगी।
- ड्राइवर, कंडक्टर और स्टेशन स्टाफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- त्योहारी सीजन में स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि संचालन में कोई बाधा न आए।
प्रतीक जैन ने यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे सीटें पहले से बुक करें, ताकि अंतिम समय में उन्हें यात्रा में कोई दिक्कत न हो।
कौन-कौन से रूट कवर होंगे
अतिरिक्त बसें मुख्य रूप से देहरादून से दिल्ली, आगरा और बरेली के बीच चलेंगी। यह रूट त्योहारों के दौरान सबसे अधिक व्यस्त रहता है।
- दिल्ली और आगरा की ओर अधिकतर कामकाजी लोग, छात्र और पर्व मनाने वाले लोग यात्रा करते हैं।
- बरेली की दिशा में भी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी यात्री आते हैं।
इस प्रकार यह बस सेवा सिर्फ सुरक्षित और आसान यात्रा ही नहीं, बल्कि त्योहारों के समय घर वापसी का भरोसा भी देती है।
परिवहन विभाग की सक्रिय भूमिका
उत्तराखंड परिवहन विभाग ने भी इस त्योहारी सीजन को देखते हुए निजी बस संचालकों को अतिरिक्त सेवाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
आरटीओ संदीप सैनी ने रोडवेज जीएम और निजी बस कंपनियों को पत्र भेजकर सुनिश्चित किया है कि:
- अतिरिक्त बसें समय पर चलें।
- किराए में कोई अनुचित वृद्धि न हो।
- यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बनी रहे।
इस तरह सरकारी और निजी दोनों ही पक्षों से यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जा रही है।
त्योहारों में यात्रा का महत्व
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य से दिल्ली, आगरा और बरेली जैसे व्यस्त शहरों तक की यात्रा केवल दूरी तय करना नहीं है। यह परिवार और संस्कृति को जोड़ने वाली यात्रा भी है।
हर साल दिवाली और छठ के समय हजारों लोग अपने परिवार के पास लौटते हैं। ऐसे में अतिरिक्त बसों का संचालन:
- भीड़ को नियंत्रित करता है।
- यात्रियों को आरामदायक सफर देता है।
- खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोगों के लिए समय की बचत करता है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड रोडवेज का यह निर्णय यात्रियों के लिए एक त्योहारी तोहफा है।
- दिवाली और छठ के समय यात्रा में आसानी होगी।
- घर वापसी का भरोसा और सुरक्षित सफर सुनिश्चित होगा।
- स्थानीय और लंबी दूरी के यात्री दोनों को लाभ मिलेगा।