उत्तराखंड की पहाड़ियों में सड़क हादसों की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं। आज सुबह ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर हुआ, जिसने कई परिवारों को झकझोर कर रख दिया। घुट्टी-घनसाली से हरिद्वार जा रही बिश्वनाथ सेवा की बस अचानक बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस चालक समेत 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बस में उस समय लगभग 22 लोग सवार थे।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, बस खाड़ी से लगभग 12 किलोमीटर पहले एक तीव्र मोड़ (Sharp Turn) पर पहुंची। यहां चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस सीधे क्रैश बैरियर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस सड़क पर ही पलट गई। यह इलाका अपनी खतरनाक मोड़ों और गहरी खाईयों के लिए जाना जाता है, और कई बार यहां इस तरह के हादसे हो चुके हैं।
राहत और बचाव कार्य
जैसे ही दुर्घटना की खबर फैली, पुलिस और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सक्रिय सहयोग किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा सकता है।
पहाड़ी सड़कों पर हादसे क्यों आम हैं?
उत्तराखंड के पहाड़ी रास्ते बेहद संकीर्ण, घुमावदार और फिसलन भरे होते हैं। बरसात के मौसम में सड़कें और भी खतरनाक हो जाती हैं। कई बार ड्राइवरों का अनुभव कम होना, तेज गति और थकान जैसे कारण भी हादसों को जन्म देते हैं।
खाड़ी और नागनी के आसपास का इलाका खासकर दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात है, जहां ड्राइवरों को बेहद सतर्क रहना पड़ता है।
स्थानीय असर
इस तरह के हादसे न सिर्फ यात्रियों और उनके परिवारों के लिए त्रासदी होते हैं, बल्कि स्थानीय समाज पर भी असर डालते हैं। पर्यटक और यात्री इस मार्ग से यात्रा करने से हिचकिचाने लगते हैं, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है।
निष्कर्ष
चंबा-ऋषिकेश हाईवे पर हुआ यह हादसा सड़क सुरक्षा की ओर ध्यान खींचता है। दो लोगों की मौत और दर्जनभर से अधिक यात्रियों के घायल होने की घटना बेहद दर्दनाक है।
जब तक सरकार, प्रशासन और आम लोग मिलकर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं देंगे, तब तक ऐसे हादसों को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा।