गौतम अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी पावर के शेयरों ने गुरुवार को निवेशकों को राहत दी। बीएसई पर इस शेयर में 6.3 प्रतिशत की तेजी देखी गई और यह 154 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले दो कारोबारी दिन में शेयर लगभग 21 प्रतिशत गिर चुके थे, जिससे निवेशकों के बीच चिंता की स्थिति बनी थी।
बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटना
पिछले कुछ हफ्तों में अडानी समूह को हिंडनबर्ग रिपोर्ट के चलते कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। जनवरी 2023 में जारी इस रिपोर्ट के अनुसार समूह पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके कारण समूह को करीब 150 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान था। हालांकि, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा वापस आया और शेयर में तेजी देखने को मिली।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रोकरेज हाउस की सकारात्मक रिपोर्ट, 1:5 रेशियो में स्टॉक स्प्लिट, और सेबी की क्लीन चिट ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया। इस कारण पिछले गिरावट के बाद शेयर तेजी से पलटा और बाउंसबैक दर्ज किया गया।
अडानी ने शेयरधारकों को पत्र लिखा
गौतम अडानी ने बुधवार को शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि सेबी का फैसला समूह के लिए सत्य की जीत है। उन्होंने बताया कि यह हमला सिर्फ कंपनी पर नहीं था, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय उद्यमों के साहस को चुनौती देने वाला था। उन्होंने यह भी बताया कि अब लंबी जांच अवधि का अंत हो गया है और समूह अब भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।
समूह के वित्तीय प्रदर्शन में बढ़त
पत्र में अडानी ने समूह के वित्तीय प्रदर्शन का भी जिक्र किया। वित्त वर्ष 2023 में समूह का पोर्टफोलियो एबिटा 57,205 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 89,806 करोड़ रुपये हो गया। यानी दो साल में 32,601 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो लगभग 57 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी दौरान समूह ने 25 प्रतिशत का दो वर्षीय सीएजीआर (CAGR) दर्ज किया।
इसके अलावा, समूह की ग्रॉस ब्लॉक संपत्ति वित्त वर्ष 2023 में 4,12,318 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 6,09,133 करोड़ रुपये हो गई। यानी दो साल में 48 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।