Pregnant Woman Hit By Tenants Over Asking For Rent In Haridwar

Pregnant Woman Hit By Tenants Over Asking For Rent In Haridwar: हैवानियत! किराया मांगने पर 6 माह की गर्भवती को बाइक से उड़ाया, पेट में पल रहे बच्चे की मौत

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किराया मांगना एक सामान्य बात होती है, लेकिन इस बार यह मांग एक छह माह की गर्भवती महिला के लिए मौत बनकर आई। हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में किरायेदारों ने अपनी मकान मालकिन को बाइक से कुचल दिया, जिससे न केवल वह गंभीर रूप से घायल हुईं, बल्कि उनके पेट में पल रहे बच्चे की भी असमय मौत हो गई।

यह घटना रावली महदूद के कृपाल नगर की है — जो औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल के पास स्थित है, जहाँ बड़ी संख्या में बाहरी राज्य के लोग नौकरी और किराए के मकसद से रहते हैं। यही क्षेत्र अब एक ऐसी अमानवीय घटना का गवाह बन गया है, जिसने पूरे हरिद्वार को झकझोर दिया है।

घटना कैसे हुई – किराया मांगने पर टूटा कहर

शिकायतकर्ता पिंकी, जो पेशे से एक नर्स हैं और भूमानंद अस्पताल में कार्यरत हैं, ने कोर्ट में बताया कि उनके किराएदार धर्मेंद्र त्यागी उर्फ देव (गांव तिमरपुर, मंडावर, बिजनौर) और अनुज (गांव भागूवाला, बिजनौर) उनके घर में किराए पर रहते थे। दोनों पर करीब 15 हजार रुपये का किराया बकाया था और इसके अलावा धर्मेंद्र ने उनसे 10 हजार रुपये उधार भी ले रखे थे।

पिंकी बताती हैं कि जब वह एक पारिवारिक शादी के लिए मुजफ्फरनगर गई हुई थीं, तो इन दोनों किरायेदारों ने बिना किराया चुकाए मकान खाली कर दिया। शादी से लौटने पर जब उन्होंने किराया मांगा, तो आरोपियों ने जल्द ही भुगतान करने का वादा किया — लेकिन यह वादा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।

8 जुलाई 2025 की रात करीब 7:30 बजे, जब पिंकी अपनी ड्यूटी के लिए अस्पताल जा रही थीं, तो रानीपुर झाल के पास धर्मेंद्र और अनुज बाइक पर पहुंचे और जानबूझकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

छह माह की गर्भवती महिला सड़क पर तड़पती रही

पिंकी उस समय छह माह की गर्भवती थीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तेज़ रक्तस्राव होने लगा। आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की, लेकिन हैरानी की बात यह है कि धर्मेंद्र और उसके साथी दिनेश ने खुद ही घायल महिला को उठाकर एक टेंपो से घर भेज दिया, अस्पताल नहीं ले गए।

बाद में जब हालत बिगड़ गई तो पिंकी को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ असमय प्रसव हुआ। दुर्भाग्य से, डॉक्टरों ने उनके बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई – कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

शुरुआती स्तर पर पुलिस ने इस मामले में संजीदगी नहीं दिखाई, जिसके बाद पीड़िता को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर अब धर्मेंद्र, अनुज और एक अन्य आरोपी दिनेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एसओ नितेश शर्मा ने पुष्टि की कि मामला गंभीर है और जांच जारी है। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

हरिद्वार जैसे धार्मिक नगर में बढ़ते अपराध

हरिद्वार, जिसे “धर्मनगरी” कहा जाता है, अब धीरे-धीरे अपराध की घटनाओं से दागदार होता जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल में बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं — जिससे सामाजिक संरचना में तेजी से बदलाव देखा गया है। कई बार मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं।
यह घटना यह सवाल उठाती है कि क्या किरायेदारी कानूनों का सख्त पालन नहीं किया जा रहा? क्या पुलिस और प्रशासन इन संवेदनशील इलाकों में निगरानी के पर्याप्त इंतजाम कर रहे हैं?

निष्कर्ष

पिंकी अब अपने अजन्मे बच्चे के लिए न्याय चाहती हैं — और यह न्याय केवल कानून से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता से भी आना चाहिए।
हरिद्वार प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि अब समय आ गया है जब किरायेदारी विवादों, बाहरी अपराधियों की गतिविधियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक ठोस नीति लागू की जाए।

यह घटना दिखाती है कि “किराया मांगना” अब सिर्फ एक आर्थिक मामला नहीं रह गया, बल्कि यह एक सामाजिक और सुरक्षा का मुद्दा बन चुका है।