Newborn Abducted Near Dargah In Haridwar

Newborn Abducted Near Dargah In Haridwar: दरगाह के पास मां की गोद में सो रहे नवजात को उठा ले गए, मेरठ के कारोबारी को 6 लाख में बेचा

हरिद्वार में हाल ही में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया, जिसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि सोशल मीडिया पर भी सनसनी मचा दी। दरअसल, अमरोहा की महिला अपने तीन महीने के नवजात बच्चे के साथ दरगाह में जियारत करने आई थी, और रात में बच्चे को चोरी कर लिया गया। यह घटना कलियर स्थित साबिर साहब दरगाह के पास हुई।पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद 72 घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया और चार महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मामले का पूरा घटनाक्रम

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि अमरोहा के मोहल्ला कुरैशी निवासी जहीर अंसारी अपनी पत्नी शमा और तीन महीने के बेटे अबुजर के साथ बुधवार को दरगाह आए थे। शुक्रवार रात वे एक अस्थायी दुकान में सो रहे थे।

सुरक्षित दिखाई देने वाले माहौल के बावजूद, शनिवार तड़के जहीर चाय लेने के लिए बाहर गए। इसी बीच अज्ञात लोगों ने बच्चे को मां की गोद से उठा लिया

कैसे पकड़े गए आरोपियों ने बच्चे को बेच दिया?

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से एक स्कार्पियो कार को चिन्हित किया और मेरठ के लक्खीपुरा में ट्रेस किया। पता चला कि बच्चे को सलमा, शहनवाज और आशु लगड़ा ने उठाकर एक कारोबारी विशाल गुप्ता को 6 लाख रुपये में बेच दिया था

विशाल गुप्ता, जो मेरठ में ईंट कारोबार करते हैं, और लंबे समय से संतान सुख की तलाश में थे, बच्चे को गोद लेने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने नेहा शर्मा के माध्यम से बच्चे को खरीदने की योजना बनाई थी।

पुलिस ने विशाल गुप्ता के घर से बच्चा बरामद कर माता-पिता को सौंप दिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

मामले में गिरफ्तार किए गए:

  • आस मोहम्मद लंगड़ा
  • शहनाज
  • सलमा
  • अंचन (सीएमओ कंपाउंड)
  • नेहा शर्मा (शास्त्री नगर, मेरठ)
  • विशाल गुप्ता (सैनिक विहार, कंकरखेड़ा, मेरठ)

पुलिस ने मामले में पूरी कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा और आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की।

पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पुलिस टीम की सार्वजनिक रूप से सराहना की और इनाम देने की घोषणा की।
टीम में शामिल थे:

  • कलियर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार
  • एसएसआई बबलू चौहान
  • एसआई पुष्कर सिंह चौहान
  • हेड कॉस्टेबल जमशेद अली, रविंद्र बालियान, नूर हसन
  • कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, प्रकाश मनराल, भादूराम
  • महिला कांस्टेबल सोफिया अंसारी, सरीता राणा
  • चालक नीरज राणा, अंकित कुमार
  • एसओजी टीम के निरीक्षक प्रदीप बिष्ट, हेड कांस्टेबल अश्वनी यादव, चमन सिंह, कांस्टेबल महिपाल सिंह, अजय काला

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की तेजी और टीमवर्क की बदौलत अत्यंत संवेदनशील मामला 72 घंटे में सुलझ गया

निष्कर्ष

हरिद्वार में नवजात अपहरण का यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह दिखाता है कि सुरक्षा, सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी जरूरी है।

  • बच्चे को सुरक्षित वापस मिलने से परिवार की राहत हुई।
  • आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया कि कानून के आगे कोई नहीं बच सकता
  • यह घटना समाज को यह याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए।