Chamoli Farmer Died Bear Attack: चमोली में पत्नी को बचाने भालू से भिड़ा किसान, हमले में हुई मौत, पत्नी AIIMS रेफर

Rishab Gusain
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Rishab Gusain is a Digital Marketing Executive and skilled content writer from Dehradun, Uttarakhand. With experience working for several national and international brands, he has helped...
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उत्तराखंड के चमोली ज़िले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। डुमक गांव के एक किसान सुंदर सिंह (42 वर्ष) ने अपनी पत्नी को बचाने के लिए भालू से सीधा मुकाबला किया, लेकिन इस बहादुरी की कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। उनकी पत्नी लीला देवी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें एयर एम्बुलेंस से ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जंगल में घास लेने गए थे दंपत्ति

ग्राम प्रधान यमुना देवी के अनुसार, गुरुवार सुबह सुंदर सिंह और उनकी पत्नी मवेशियों के लिए घास काटने पास के जंगल गए थे। अचानक एक भालू झाड़ियों से निकलकर आया और लीला देवी पर हमला कर दिया। पत्नी को बचाने के लिए सुंदर सिंह ने बिना सोचे-समझे भालू का सामना किया। उन्होंने उसे दूर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन भालू ने उन पर झपट्टा मारा और उन्हें चट्टान से नीचे खाई में फेंक दिया। सुंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने लीला देवी की चीखें सुनीं और तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की आवाज़ सुनकर भालू भाग गया। इसके बाद घायल लीला देवी को प्राथमिक उपचार के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें एयर एम्बुलेंस के ज़रिए ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया।गांव के निवासी अंकित भंडारी ने बताया कि मृतक सुंदर सिंह और उनकी पत्नी के दो छोटे बच्चे हैं — 12 वर्षीय बेटा और 11 वर्षीय बेटी, जो गोपेश्वर में पढ़ाई कर रहे हैं। अब यह परिवार गहरे सदमे में है, और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

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चमोली के जंगलों में बढ़ती वन्यजीव गतिविधि

चमोली जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में यहां भालू, गुलदार और अन्य वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। डुमक गांव और आसपास के इलाकों में कई बार भालू और गुलदार के दिखने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि जंगलों में वन्यजीवों का डर इतना बढ़ गया है कि अब महिलाएं अकेले घास या लकड़ी लेने नहीं जातीं। पहले भी कई बार लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों की मांग की थी, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं मिला है।

दूसरी घटना: गुलदार के हमले में महिला घायल

इसी दिन, पौड़ी गढ़वाल के थलीसैंण रेंज के जसपुरखाल गांव में भी एक और हमला हुआ। वहां गुलदार ने एक महिला, आशा देवी, पर हमला कर दिया, जब वह शाम के समय अपने खेत में घास काट रही थीं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें थलीसैंण स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

यह दोहरी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जंगलों के किनारे बसे गांव अब लगातार वन्यजीवों के खतरे में जी रहे हैं।

एक बहादुर किसान की कहानी

सुंदर सिंह का यह बलिदान केवल एक दुखद घटना नहीं, बल्कि बहादुरी की मिसाल भी है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी पत्नी की रक्षा की — जो मानवता और प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण है। आज उनके गांव में शोक है, लेकिन साथ ही हर कोई इस बात को स्वीकार कर रहा है कि सुंदर सिंह ने अंत तक अपने परिवार के लिए संघर्ष किया।

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चमोली जैसे दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोग अब इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगा, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

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Rishab Gusain is a Digital Marketing Executive and skilled content writer from Dehradun, Uttarakhand. With experience working for several national and international brands, he has helped businesses achieve remarkable organic growth through his strategic digital marketing approach. Deeply connected to his roots, Rishab is passionate about showcasing the rich culture, travel destinations, and traditions of Uttarakhand. His engaging content has attracted a growing readership, hitting over 10,000 visits in just two months.
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