Uttarakhand Tomato Flu Spreading On Children: उत्तराखंड में फिर बच्चों को शिकार बनाने लगा ‘टोमेटो फ्लू’, लक्षण दिखते ही कैसे करें बचाव?

Uttarakhand Magazine Team
Uttarakhand Magazine Team
The Uttarakhand Magazine team is a dedicated group of writers, journalists, and digital storytellers united by a shared passion for the land of the Himalayas. Based...
5 Min Read

उत्तराखंड में एक बार फिर बच्चों के बीच ‘टोमेटो फ्लू’ (Tomato Flu) का खतरा बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों से बच्चों में हैंड, फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (HFMD) के केस सामने आने लगे हैं, जिसे आम भाषा में टोमेटो फ्लू कहा जाता है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि इस संक्रमण को रोकने के लिए अब हर अस्पताल और लैब को निगरानी के मोड पर रखा गया है

Contents
उत्तराखंड में एक बार फिर बच्चों के बीच ‘टोमेटो फ्लू’ (Tomato Flu) का खतरा बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों से बच्चों में हैंड, फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (HFMD) के केस सामने आने लगे हैं, जिसे आम भाषा में टोमेटो फ्लू कहा जाता है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि इस संक्रमण को रोकने के लिए अब हर अस्पताल और लैब को निगरानी के मोड पर रखा गया है।क्या है टोमेटो फ्लू (Tomato Flu)?टोमेटो फ्लू के लक्षणस्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और दिशा-निर्देशकैसे करें बचाव?क्यों बच्चों पर अधिक असर डालता है यह वायरस?उत्तराखंड के संदर्भ में चिंता क्यों बढ़ीनिष्कर्ष

क्या है टोमेटो फ्लू (Tomato Flu)?

टोमेटो फ्लू एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से बच्चों में फैलता है। यह हैंड, फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (HFMD) का ही एक प्रकार है।
इस बीमारी का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसमें बच्चों के शरीर, विशेष रूप से हाथ, पैर और मुंह पर लाल, टमाटर जैसे फफोले या चकत्ते उभर आते हैं।

See also  Cyber Fraud Of 85 Lakh On Facebook: देहरादून के रिटायर्ड कर्नल से FB पर 85 लाख ठगने वाला गिरोह विदेशी निकला, मोहाली से दबोचा

मुख्य कारण:
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार और डॉ. विशाल कौशिक के अनुसार,

“टोमेटो फ्लू का प्रमुख कारण एंटरोवायरस (Enterovirus) होता है। यह वायरस सीधा संपर्क या दूषित सतहों के जरिए एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल सकता है।”

टोमेटो फ्लू के लक्षण

यह बीमारी अक्सर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में ज्यादा देखी जाती है।
लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार जैसे लगते हैं, लेकिन धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकते हैं।

मुख्य लक्षण:

  • बुखार और शरीर में दर्द
  • गला सूखना और निगलने में परेशानी
  • मुंह में छाले
  • हाथ-पैरों पर लाल चकत्ते या फफोले (टमाटर जैसे)
  • थकान और भूख कम लगना
  • बच्चों का चिड़चिड़ा या सुस्त होना

इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और दिशा-निर्देश

सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने सभी अस्पतालों, निजी चिकित्सकों और पैथोलॉजी लैब्स को सतर्क करते हुए निर्देश जारी किए हैं।

  • ओपीडी में निगरानी:
    सभी सरकारी अस्पतालों में रोजाना ओपीडी में ऐसे मरीजों की निगरानी की जाएगी, जिनमें चकत्तों के साथ बुखार जैसे लक्षण हैं।
  • तुरंत आइसोलेशन:
    संदिग्ध मरीजों को तुरंत आइसोलेट (अलग) करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
  • समुदाय स्तर पर जागरूकता:
    आरबीएसके टीम, सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
  • रिपोर्टिंग सिस्टम:
    अस्पतालों और लैब्स को हर संदिग्ध केस की जानकारी सीएमओ कार्यालय में डॉ. पीयूष अगस्टीन और मोहिनी चौहान को देनी होगी।

कैसे करें बचाव?

क्योंकि यह संक्रमण संपर्क और सतहों के माध्यम से फैलता है, इसलिए इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका सफाई और सतर्कता है।

See also  Rapist Father Released From Jail On Bail: जमानत पर जेल से बाहर आया रेपिस्ट पिता, नाबालिग बेटी को केस वापस लेने की दे रहा धमकी

बचाव के उपाय:

  1. बच्चों के हाथ बार-बार धोएं।
  2. संक्रमित बच्चों को स्कूल या खेल से कुछ दिन दूर रखें।
  3. बच्चों को दूसरों के खिलौनों, कपों या तौलियों का उपयोग न करने दें।
  4. मुंह के छालों या फफोलों को छूने से बचें।
  5. बच्चों के आसपास साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखें।
  6. यदि लक्षण गंभीर हों तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

क्यों बच्चों पर अधिक असर डालता है यह वायरस?

टोमेटो फ्लू मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करता है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती।
यह रोग खासतौर पर डे-केयर या स्कूल जाने वाले बच्चों में तेजी से फैल सकता है, जहां वे एक-दूसरे के संपर्क में अधिक रहते हैं।

उत्तराखंड के संदर्भ में चिंता क्यों बढ़ी

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं।
अक्सर लोग हल्के बुखार या छालों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
पिछले साल भी राज्य में टोमेटो फ्लू के केसों में अचानक उछाल देखा गया था। इस बार फिर वही स्थिति दोहराने की आशंका जताई जा रही है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड में टोमेटो फ्लू का पुनः फैलाव एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
अच्छी बात यह है कि इस बार सरकार और चिकित्सा विभाग पहले से तैयार और सतर्क हैं।
अगर लोग समय रहते सफाई, आइसोलेशन और चिकित्सकीय सलाह का पालन करें, तो यह संक्रमण जल्दी नियंत्रण में आ सकता है।

“सावधानी ही सुरक्षा है — बच्चों की मुस्कान बनाए रखने के लिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा इलाज है।”

See also  केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन: दो श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल, जंगलचट्टी के पास हादसा
Share This Article
The Uttarakhand Magazine team is a dedicated group of writers, journalists, and digital storytellers united by a shared passion for the land of the Himalayas. Based in Uttarakhand, the team covers everything that defines the spirit of the state — from its rich culture, traditions, and tourism to its people, environment, and development stories.
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

A 5-Day Journey to Kedarnath: From Faith to the Heart of the Himalayas “Why Uttarakhand Should Be Your Next Travel Destination” Panch Prayag Panch Badri History of Gangotri Temple