उत्तराखंड के काशीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंसानी रिश्तों और भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां मध्य प्रदेश से आए एक ठेकेदार की हत्या का आरोप उसके ही दो दोस्तों पर लगा है। वजह बताई जा रही है—15 लाख रुपये का लेनदेन। यह घटना न केवल आपराधिक पहलू लिए हुए है, बल्कि इस बात का भी सबूत है कि जब रिश्तों में लालच और धोखा घुल जाता है तो उसका नतीजा कितना भयावह हो सकता है।
घटना की पूरी कहानी
मृतक की पहचान 37 वर्षीय केशव राठौर निवासी श्योपुर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। उनकी पत्नी देवकी राठौर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके पति पिछले पांच साल से अपने दोस्तों मुन्नू और राशिद के साथ ठेके पर भवन निर्माण का काम कर रहे थे। हाल ही में काशीपुर में एक निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें आरोपियों पर लगभग 15 लाख रुपये का बकाया था।
देवकी का कहना है कि 15 लाख की रकम लेने के लिए ही उनके पति घर से निकले थे। इसके बाद उनका मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया और वे वापस घर नहीं लौटे। संदेह गहराया तो मामला कोर्ट तक पहुंचा। अदालत के आदेश पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस की जांच
काशीपुर थाना आईटीआई प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला ने पुष्टि की कि न्यायालय के आदेश पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या वास्तव में विवाद केवल पैसों का था, या इसके पीछे और भी कोई निजी रंजिश या कारण छिपा हुआ है।
दोस्ती से दुश्मनी तक
यह मामला इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि इसमें शामिल लोग दोस्त थे और लंबे समय से साथ काम कर रहे थे। ठेकेदारी जैसे काम में आपसी भरोसा ही सबसे बड़ा आधार होता है, लेकिन जब पैसों की बात आई तो वही दोस्त कथित तौर पर जान के दुश्मन बन बैठे।
काशीपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक और व्यावसायिक शहर में इस तरह के मामले यह दिखाते हैं कि ठेकेदारी और रियल एस्टेट कारोबार में पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद आम होते जा रहे हैं। लेकिन किसी का जीवन इस तरह से खत्म कर देना, यह समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
निष्कर्ष
केशव राठौर की हत्या का मामला इस बात की मिसाल है कि जब पैसों के विवाद में दोस्ती और भरोसा दरकता है तो उसका नतीजा कितना भयानक हो सकता है। पुलिस की जांच आगे क्या खुलासा करेगी यह देखना बाकी है, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि रिश्तों और कारोबार में पारदर्शिता बनाए रखना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।