उत्तराखंड की धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरें हमेशा से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। इन्हीं में से एक है कैंची धाम – नीम करौली बाबा का आश्रम, जो विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें साधारण ग्रामीण भक्त से लेकर बड़े उद्योगपति और विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।
अब कैंची धाम के दर्शन करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड सरकार और निजी एविएशन कंपनी मिलकर एक नई हवाई सेवा शुरू करने जा रही है, जिसके तहत श्रद्धालु सिर्फ तीन मिनट में हल्द्वानी से भवाली स्थित कैंची धाम पहुंच जाएंगे।
हल्द्वानी से कैंची धाम की हवाई सेवा – बड़ी राहत
अक्सर श्रद्धालुओं को कैंची धाम पहुंचने में लंबा सफर तय करना पड़ता है। खासकर भीड़-भाड़ वाले दिनों में सड़क मार्ग पर जाम और ट्रैफिक सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। लेकिन अब हेली सेवा शुरू होने के बाद भक्तों को यह सफर मिनटों में पूरा करने का मौका मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक, हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस सेवा को संचालित करेगी। कंपनी का कहना है कि कैंची धाम को लेकर सबसे अधिक डिमांड आ रही है और प्रशासन से हेलीपैड की मंजूरी मिलते ही सेवा शुरू कर दी जाएगी।
कितना होगा किराया?
इस नई हवाई सेवा का किराया लगभग 1000 रुपये तय किया जा रहा है। इसे शटल सेवा की तरह चलाया जाएगा, यानी यात्रियों को कम समय में बार-बार सेवा उपलब्ध होगी।
यह किराया न केवल किफायती है बल्कि समय और सुविधा को देखते हुए बेहद आकर्षक भी है। सोचिए, जहां सड़क मार्ग से घंटों लगते हैं, वहीं मात्र तीन मिनट में सीधे धाम के दर्शन कर पाना यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा।
कुमाऊं में हवाई सर्किट का विस्तार
दरअसल, कुमाऊं क्षेत्र में हवाई सेवा का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो रहा है। अभी हल्द्वानी से पिथौरागढ़, मुनस्यारी, अल्मोड़ा, चंपावत और बागेश्वर जैसे जिलों के लिए रोजाना करीब 150 यात्री हेली सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में पिथौरागढ़ से धारचूला को भी हवाई सर्किट से जोड़ा जाएगा। गढ़वाल में चारधाम यात्रा के लिए हवाई सेवा पहले से ही लोकप्रिय हो चुकी है, और अब कुमाऊं में भी यह तेजी से फैल रही है।
सिर्फ 18 महीने के भीतर कुमाऊं के 14 हवाई रूट्स पर 80-90% सीटें भर जाना इस बात का प्रमाण है कि लोग इस सेवा को बेहद पसंद कर रहे हैं।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
कैंची धाम का महत्व सिर्फ एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी गति देता है। हर साल यहां लाखों लोग आते हैं, जिससे आसपास के होटल, दुकानें और परिवहन सेवाएं चलती हैं।
नई हवाई सेवा से न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष
कैंची धाम तक हवाई सेवा की यह योजना उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाली है। मात्र 1000 रुपये में तीन मिनट की हवाई यात्रा, न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि यह प्रदेश की पर्यटन नीति को भी और मजबूत बनाएगी।
अगर सब कुछ तय समय पर हो गया, तो आने वाले महीनों में कैंची धाम के दर्शन अब तक के सबसे आसान और तेज़ हो जाएंगे। यह कदम उत्तराखंड को “स्पिरिचुअल टूरिज्म” की राजधानी बनाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।