Haridwar Land Fraud: भगवा चोला ओढ़ लोगों की जमीन हड़पता था दिल्ली का ठग, स्वामी हंसराज साथियों संग अरेस्ट

Uttarakhand Magazine Team
Uttarakhand Magazine Team
The Uttarakhand Magazine team is a dedicated group of writers, journalists, and digital storytellers united by a shared passion for the land of the Himalayas. Based...
4 Min Read

हरिद्वार में पुलिस ने एक बड़े जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया है, जहां भगवा वस्त्र धारण कर खुद को धार्मिक व्यक्तित्व बताने वाला व्यक्ति और उसके साथी लंबे समय से लोगों को ठग रहे थे। इस गिरोह ने न केवल आम लोगों की जमीन हड़पी, बल्कि ट्रस्ट की संपत्तियों पर भी फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कोशिश की। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

गिरोह की गिरफ्तारी

पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपियों में स्वामी हंसदेश पुनियानी उर्फ हंसराज (दिल्ली निवासी), सुनील कत्याल उर्फ कालिया (रोहतक, हरियाणा निवासी) और रोहताश (हरिद्वार निवासी) शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर जमीन और ट्रस्ट की संपत्तियों के फर्जी दस्तावेज बनाए और उन्हें बेचने की कोशिश की। वहीं, गिरोह का सरगना गुलशन नारंग अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

मामला कैसे खुला

दरअसल, 26 सितंबर को ज्वालापुर थाने में दर्ज एक मुकदमे ने इस पूरे फर्जीवाड़े का राज खोला। उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार ने इस मामले में छह लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह कई सालों से जमीन पर फर्जी कागजात बनाकर कब्जा कर रहा था। विरोध करने वालों को न केवल धमकाया जाता था बल्कि उनके साथ मारपीट तक की जाती थी।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, स्वामी हंसदेश पुनियानी उर्फ हंसराज के खिलाफ पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं जिनमें मारपीट और धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। इसी तरह रोहताश के खिलाफ कनखल और नगर थाने में धमकी और फर्जीवाड़े के केस दर्ज हैं। वहीं, गिरोह के मुखिया गुलशन नारंग पर भी धोखाधड़ी और जमीन कब्जाने के कई मामले पहले से चल रहे हैं।

See also  उत्तराखंड में भारी बारिश से भूस्खलन, बद्रीनाथ हाईवे पर 6 किलोमीटर लंबा जाम

पुलिस की कार्रवाई

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने मामले की जांच बहादराबाद थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा को सौंपी थी। इसके बाद ज्वालापुर कोतवाल कुंदन सिंह राणा और उनकी टीम ने दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

सामाजिक असर

हरिद्वार जैसे धार्मिक और आस्था से जुड़े शहर में इस तरह का मामला सामने आना बेहद चौंकाने वाला है। यहां लोग साधु-संतों और भगवा वस्त्रधारियों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं, और शायद यही वजह है कि इस गिरोह ने खुद को धार्मिक छवि में पेश कर लोगों को आसानी से ठग लिया।

निष्कर्ष

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि अपराधी किस तरह धर्म और आस्था का चोला ओढ़कर लोगों को निशाना बनाते हैं। हरिद्वार पुलिस की तत्परता से इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, लेकिन यह भी सच है कि अभी कई ऐसे ठग खुलेआम घूम रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को और सतर्क रहने और जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है।

Share This Article
The Uttarakhand Magazine team is a dedicated group of writers, journalists, and digital storytellers united by a shared passion for the land of the Himalayas. Based in Uttarakhand, the team covers everything that defines the spirit of the state — from its rich culture, traditions, and tourism to its people, environment, and development stories.
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

A 5-Day Journey to Kedarnath: From Faith to the Heart of the Himalayas “Why Uttarakhand Should Be Your Next Travel Destination” Panch Prayag Panch Badri History of Gangotri Temple