उत्तराखंड के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। लंबे समय से खाली पड़े कैडर सचिव के 279 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधानसभा में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस बात की घोषणा की और अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
कहाँ होंगे पद सृजित?
प्रदेश के विभिन्न जिलों में कैडर सचिवों की नियुक्ति होगी। इसमें सबसे अधिक पद टिहरी (46) और पौड़ी (44) में निकाले जाएंगे। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में 18, पिथौरागढ़ में 24, ऊधमसिंह नगर में 27, हरिद्वार में 21, नैनीताल और अल्मोड़ा में 23-23, चमोली और देहरादून में 25-25, उत्तरकाशी में 2 और चंपावत में 1 पद शामिल है।
इस नियुक्ति से प्राथमिक सहकारी समितियों को सीधा फायदा मिलेगा। पारदर्शिता के साथ काम होंगे, समितियां आर्थिक रूप से मज़बूत होंगी और सबसे अहम – अंतिम पंक्ति तक खड़े व्यक्ति को इसका लाभ मिलेगा।
सहकारिता मेलों का आयोजन
मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर राज्यभर में 3 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक विशेष थीम आधारित सहकारी मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों के माध्यम से न सिर्फ सहकारी समितियों की भूमिका को उजागर किया जाएगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर भी मिलेंगे।
निर्माण कार्यों पर जोर
बैठक में मंत्री ने आवास संघ के निर्माण कार्यों पर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। खासकर काशीपुर में बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से जुड़े भूमि संबंधी विवाद को जल्द निपटाने के आदेश डीएम ऊधमसिंह नगर को दिए गए।
निष्कर्ष
उत्तराखंड सरकार का यह कदम प्रदेश के युवाओं के लिए रोज़गार का नया अवसर लेकर आया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। 279 कैडर सचिवों की भर्ती न केवल सहकारिता विभाग को नई ऊर्जा देगी बल्कि राज्य के विकास मॉडल को भी मजबूत करेगी।