rishikesh river rafting

ऋषिकेश में राफ्टिंग कंपनियों की लापरवाही: पर्यटकों की जान से हो रहा खिलवाड़, नियमों को दरकिनार कर चल रही रात्रिकालीन राफ्टिंग

तीर्थनगरी ऋषिकेश के पास मुनिकीरेती-कौडियाला इको टूरिज्म ज़ोन में कुछ राफ्टिंग कंपनियां पर्यटकों की सुरक्षा को ताक पर रखकर नियमों का खुला उल्लंघन कर रही हैं। दिन ढलने के बाद भी गंगा में राफ्टिंग कराई जा रही है, जबकि शाम 5:30 बजे के बाद राफ्टिंग पर सख्त प्रतिबंध है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि अंधेरा होने के बावजूद गंगा में राफ्टिंग की जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी संबंधित कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पर्यटन अधिकारी का बयान

पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब शाम के बाद गंगा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, और यदि किसी कंपनी की राफ्ट प्रतिबंधित समय के बाद गंगा में पाई गई, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों की छुट्टियों में बढ़ी भीड़, कंपनियों की मनमानी चरम पर

इन दिनों स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों के चलते दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की भारी आमद को भुनाने के चक्कर में कुछ राफ्टिंग कंपनियां अधिक कमाई के लिए नियमों की अनदेखी कर रही हैं। यह लापरवाही न केवल पर्यटकों के जीवन को खतरे में डाल रही है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और पर्यटन मानकों को भी चुनौती दे रही है।

नियम क्या कहते हैं?

मुनिकीरेती-कौडियाला इको टूरिज्म ज़ोन में शाम 5:30 बजे के बाद राफ्टिंग करना प्रतिबंधित है। इसका उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। लेकिन यह वायरल वीडियो इस बात का प्रमाण है कि कुछ कंपनियां इस आदेश का पालन नहीं कर रही हैं।